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साइबर क्राइम की शिकायत कैसे करें: 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in (बच्चों से जुड़े मामलों के लिए)

ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन, साइबर बुलिंग या बच्चों से जुड़े अपराध की शिकायत कैसे करें: 1930 हेल्पलाइन, cybercrime.gov.in पर स्टेप बाय स्टेप शिकायत, बच्चों वाला सेक्शन, ज़रूरी सबूत और शिकायत के बाद क्या होता है।

KidInspector टीम
साइबर क्राइम की शिकायत कैसे करें: 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in के स्टेप वाला कवर

अगर आपके बच्चे के साथ ऑनलाइन कुछ गलत हुआ है, जैसे किसी ने उसकी फोटो के नाम पर धमकी दी, पैसे मांगे, सोशल मीडिया पर परेशान किया या ऑनलाइन ठगी हुई, तो आप घर बैठे शिकायत कर सकते हैं। भारत में इसके दो सरकारी रास्ते हैं: 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in पोर्टल। जान का खतरा हो या कोई इमरजेंसी हो, तो सीधे 112 पर कॉल करें।

इस गाइड में हम बताएंगे कि किस मामले में कहां शिकायत करें, पोर्टल पर स्टेप बाय स्टेप शिकायत कैसे दर्ज होती है, बच्चों से जुड़े मामलों का अलग सेक्शन कैसे काम करता है और कौन से सबूत संभालकर रखें। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की है; पोर्टल के बटन और मेन्यू के नाम थोड़े बदल सकते हैं।

सबसे पहले: अगले एक घंटे में क्या करें

  • बच्चे को शांत करें। उसे बताएं कि गलती उसकी नहीं है और आप साथ हैं। डांटने से बच्चे अगली बार कुछ नहीं बताते।
  • पैसे न दें, धमकी देने वाले से बात न करें। सेक्सटॉर्शन (फोटो या वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल) में एक बार पैसे देने के बाद मांग आमतौर पर बढ़ती है।
  • कुछ भी डिलीट न करें। चैट, SMS, ईमेल और प्रोफाइल सबूत हैं। स्क्रीनशॉट लें और प्रोफाइल का लिंक (URL) लिख लें।
  • पैसे कटे हैं तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसा रुकवाने की संभावना उतनी ज़्यादा होगी।
  • इमरजेंसी में 112। अगर बच्चा खतरे में है या धमकी देने वाला उसे मिलने बुला रहा है, तो ऑनलाइन शिकायत का इंतज़ार न करें।
1930 हेल्पलाइन पर शिकायत का उदाहरण चित्र: ट्रांज़ैक्शन ID, बैंक का नाम, तारीख और रकम, फिर SMS पर acknowledgement नंबर

1930 हेल्पलाइन पर शिकायत

1930 राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन है। यह टोल-फ्री है और 24 घंटे, सातों दिन चलती है। यह मुख्य रूप से ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के लिए है: UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग या वॉलेट से गया पैसा। कॉल पर दी गई जानकारी बैंकों और पेमेंट कंपनियों तक पहुंचती है, ताकि ठग के खाते में पैसा रोका जा सके। हेल्पलाइन दूसरी साइबर शिकायतें दर्ज करने में भी मदद करती है।

  1. 1930 पर कॉल करें और बताएं कि क्या हुआ।
  2. तैयार रखें: आपका मोबाइल नंबर, बैंक या वॉलेट का नाम, ट्रांज़ैक्शन ID या UTR नंबर, तारीख, समय और रकम।
  3. कॉल के बाद आपको SMS पर एक acknowledgement नंबर मिलता है।
  4. इस नंबर के साथ 24 घंटे के अंदर cybercrime.gov.in पर पूरी शिकायत दर्ज करें।

पुलिस ठगी के बाद के पहले घंटे को "गोल्डन आवर" कहती है। इसी समय में शिकायत होने पर पैसा रुकने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है।

cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत: स्टेप बाय स्टेप

cybercrime.gov.in गृह मंत्रालय का राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल है। होम पेज पर Register a Complaint में ये विकल्प मिलते हैं:

विकल्पकब चुनें
Women/Children Related Crimeबच्चों के यौन शोषण का कंटेंट, बलात्कार/सामूहिक बलात्कार का वीडियो, यौन रूप से अश्लील कंटेंट
Financial FraudUPI, कार्ड, बैंकिंग या ऑनलाइन शॉपिंग में ठगी
Other Cyber Crimeसाइबर बुलिंग, स्टॉकिंग, सेक्सटिंग, फर्ज़ी प्रोफाइल, हैकिंग और बाकी मामले

इसके अलावा Track your Complaint से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है और Report & Check Suspect से किसी संदिग्ध नंबर, ईमेल या वेबसाइट की जांच की जा सकती है। शुरू करने से पहले नियम-शर्तों के पेज पर I Accept दबाना होता है।

Report & Track: शिकायत जिसका स्टेटस आप देख सकें

  1. अपना नाम (User Name) और मोबाइल नंबर डालें, फिर Get OTP दबाएं। OTP 30 मिनट तक मान्य रहता है।
  2. Incident Details: अपराध की कैटेगरी, तारीख और समय, राज्य, ज़िला, थाना, घटना कहां हुई (वेबसाइट, ऐप, सोशल मीडिया) और पूरा विवरण। सबूत की फाइलें यहीं अपलोड करें।
  3. Suspect Details: संदिग्ध के बारे में जो पता हो, जैसे नाम, मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया ID, ईमेल। कुछ पता न हो तो खाली छोड़ सकते हैं।
  4. Complainant Details: आपकी जानकारी, पीड़ित से आपका रिश्ता (जैसे माता-पिता) और पहचान पत्र।
  5. Save & Preview में सब कुछ जांचें, फिर Confirm & Submit दबाएं।
  6. शिकायत संख्या (Complaint ID) SMS और ईमेल पर आएगी। इसे संभालकर रखें।

Other Cyber Crime: बुलिंग, फर्ज़ी प्रोफाइल, स्टॉकिंग

यहां भी मोबाइल OTP से लॉगिन होता है। बच्चों से जुड़े आम मामलों के लिए Online and Social Media Related Crime कैटेगरी चुनें। इसके अंदर Cyber Bullying/Stalking/Sexting और Fake/Impersonating Profile जैसे विकल्प हैं। इस सेक्शन में शिकायतकर्ता का राष्ट्रीय पहचान पत्र देना ज़रूरी है।

cybercrime.gov.in पोर्टल का उदाहरण चित्र: Register a Complaint में Women/Children Related Crime, Financial Fraud और Other Cyber Crime

बच्चों से जुड़े मामले: महिलाओं/बच्चों वाला सेक्शन

Women/Children Related Crime (हिंदी में "महिलाओं/बच्चों से जुड़ी अपराध सूचना") गंभीर यौन अपराधों के कंटेंट के लिए है: बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट (Child Pornography / CSAM), बलात्कार या सामूहिक बलात्कार का कंटेंट और यौन रूप से अश्लील कंटेंट। यहां दो तरीके हैं:

  • Report Anonymously ("गुमनाम रिपोर्ट"): नाम या मोबाइल नंबर देने की ज़रूरत नहीं। लेकिन ऐसी शिकायत को आप ट्रैक नहीं कर पाएंगे।
  • Report and Track ("रिपोर्ट एवं ट्रैक"): OTP से लॉगिन, ताकि आप बाद में स्टेटस देख सकें।

गुमनाम रिपोर्ट के स्टेप: I Accept › Report Anonymously › Incident Details (कैटेगरी, तारीख, राज्य/केंद्रशासित प्रदेश, ज़िला, थाना, कंटेंट कहां मिला, सबूत और जानकारी) › Save & Next › Suspect Details › Preview › Confirm & Submit › I Agree। आखिर में शिकायत की PDF डाउनलोड कर लें।

बहुत ज़रूरी: बच्चों के यौन शोषण वाली फोटो या वीडियो को "सबूत" के तौर पर डाउनलोड, सेव या किसी को फॉरवर्ड न करें, अपने परिवार वालों को भी नहीं। IT Act की धारा 67B और POCSO Act की धारा 15 के तहत ऐसा कंटेंट रखना या भेजना अपराध है; छूट सिर्फ रिपोर्ट करने के लिए है। लिंक (URL), प्रोफाइल का नाम और तारीख लिख लें और वही रिपोर्ट करें। जिस ऐप या वेबसाइट पर कंटेंट मिला, वहां भी रिपोर्ट करें।

सेक्सटॉर्शन, बुलिंग और ग्रूमिंग

अगर कोई बच्चे की निजी फोटो के नाम पर पैसे या और फोटो मांग रहा है, बार-बार पीछा कर रहा है या धमका रहा है, तो Other Cyber Crime में शिकायत करें या नज़दीकी थाने जाएं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) में ऐसे मामलों के लिए धाराएं हैं: 308 (जबरन वसूली), 77 (ताक-झांक), 78 (पीछा करना), 75 (यौन उत्पीड़न) और 351 (आपराधिक धमकी)। सही धारा पुलिस तय करती है; आपको बस साफ-साफ बताना है कि क्या हुआ।

दूसरी हेल्पलाइन

  • 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन, 24 घंटे, अब 112 से जुड़ी हुई।
  • 112: इमरजेंसी, पुलिस।
  • 181: महिला हेल्पलाइन।
  • POCSO e-Box: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की ऑनलाइन शिकायत सुविधा।

किन सबूतों की ज़रूरत होगी

शिकायत जितनी पूरी होगी, पुलिस के लिए कार्रवाई उतनी आसान होगी। ये चीज़ें संभालकर रखें:

  • चैट के स्क्रीनशॉट, जिनमें तारीख, समय और भेजने वाले का नाम या नंबर दिखे।
  • संदिग्ध की प्रोफाइल का लिंक (URL), यूज़रनेम और मोबाइल नंबर का स्क्रीनशॉट।
  • ठगी में: ट्रांज़ैक्शन ID या UTR, बैंक स्टेटमेंट, पेमेंट का स्क्रीनशॉट।
  • ईमेल की कॉपी, धमकी वाले मैसेज, वीडियो और फोटो (बच्चों के यौन शोषण वाले कंटेंट को छोड़कर, ऊपर देखें)।
  • घटनाओं की एक छोटी सूची: कब, किस ऐप पर, क्या हुआ।

पोर्टल पर हर फाइल की साइज़ सीमित होती है (पोर्टल के मैनुअल में 5 MB बताई गई है); फॉर्म में लिखी सीमा देखें। बड़ी फाइल हो तो उसके ज़रूरी हिस्से का स्क्रीनशॉट लगाएं। मूल SMS, ईमेल और चैट फोन से डिलीट न करें, पुलिस उन्हें बाद में मांग सकती है।

साइबर क्राइम शिकायत के सबूतों की सूची का उदाहरण चित्र: स्क्रीनशॉट, प्रोफाइल URL, UTR, धमकी वाले मैसेज, और बच्चे की आपत्तिजनक फोटो सेव न करने की चेतावनी

शिकायत के बाद क्या होता है

  • शिकायत राज्य पुलिस को जाती है। पोर्टल पर दर्ज शिकायत आपके राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की पुलिस को भेजी जाती है, जो उसकी जांच करती है।
  • Complaint ID, FIR नहीं है। जांच के बाद पुलिस ज़रूरत होने पर FIR दर्ज करती है। आप सीधे थाने जाकर भी FIR लिखवा सकते हैं।
  • Zero FIR। किसी भी थाने में FIR दर्ज कराई जा सकती है, चाहे घटना कहीं भी हुई हो, और अब इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भी जानकारी दी जा सकती है। 10 लाख रुपये से ज़्यादा की ठगी के लिए e-Zero FIR की व्यवस्था मई 2025 में दिल्ली से पायलट के रूप में शुरू हुई।
  • स्टेटस कैसे देखें। पोर्टल पर Track your Complaint ("चेक स्टेटस") में मोबाइल OTP से लॉगिन करके।
  • महिलाओं और बच्चों से जुड़ी शिकायत वापस नहीं ली जा सकती। इसलिए शिकायत ध्यान से और सही जानकारी के साथ भरें।
  • कार्रवाई न हो तो। पोर्टल पर हर राज्य के शिकायत अधिकारियों (Grievance Officers) की सूची है। आप उनसे या थाने में संपर्क कर सकते हैं।

शिकायतें तेज़ी से बढ़ रही हैं। गृह मंत्रालय ने 2 दिसंबर 2025 को लोकसभा में बताया कि पोर्टल पर 2022 में 10,29,026, 2023 में 15,96,493 और 2024 में 22,68,346 साइबर अपराध की घटनाएं दर्ज हुईं। इसलिए जवाब में कुछ समय लग सकता है; अपनी Complaint ID और सबूत संभालकर रखें।

बच्चे से कैसे बात करें

ऑनलाइन धमकी या ब्लैकमेल में बच्चे अक्सर डर और शर्म की वजह से चुप रहते हैं। अगर वह खुद आकर बताए, तो सबसे पहले उसे धन्यवाद दें। फोन छीनना या इंटरनेट बंद करना सज़ा जैसा लगता है, और अगली बार वह कुछ नहीं बताएगा। उसे बताएं कि आप मिलकर शिकायत करेंगे और ऐसे मामलों में दोष उसका नहीं, अपराधी का है। अगर बच्चा बहुत परेशान है, तो स्कूल काउंसलर या 1098 से मदद लें।

आगे के लिए बच्चे के फोन और कंप्यूटर की सेटिंग्स पर भी ध्यान दें: अनजान लोगों से चैट बंद करना, प्रोफाइल प्राइवेट रखना और उम्र के हिसाब से ऐप्स। इसके बारे में हमारी पैरेंटल कंट्रोल गाइड पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

साइबर क्राइम की शिकायत का नंबर क्या है?

1930। यह टोल-फ्री है और 24 घंटे चलता है, खासकर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के लिए। बाकी मामलों में cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें, और इमरजेंसी में 112 पर कॉल करें।

क्या ऑनलाइन शिकायत के लिए थाने जाना ज़रूरी है?

नहीं। cybercrime.gov.in पर घर से शिकायत दर्ज होती है और पुलिस तक पहुंचती है। अगर आप FIR चाहते हैं, तो Zero FIR के तहत किसी भी थाने में दर्ज करा सकते हैं।

क्या अपना नाम बताए बिना शिकायत हो सकती है?

हां, बच्चों के यौन शोषण के कंटेंट, बलात्कार के कंटेंट और यौन रूप से अश्लील कंटेंट के लिए Women/Children Related Crime में Report Anonymously चुनें। ऐसी शिकायत ट्रैक नहीं हो सकती।

शिकायत का स्टेटस कैसे देखें?

पोर्टल पर Track your Complaint में मोबाइल OTP से लॉगिन करें और Complaint ID से स्टेटस देखें। गुमनाम शिकायत का स्टेटस नहीं दिखता।

क्या बच्चे की आपत्तिजनक फोटो का स्क्रीनशॉट सबूत के लिए रख सकते हैं?

नहीं। बच्चों से जुड़ा यौन कंटेंट रखना या भेजना खुद अपराध है। सिर्फ लिंक, यूज़रनेम और तारीख लिखें और पोर्टल पर रिपोर्ट करें; बाकी सबूत (चैट, धमकी, पेमेंट) के स्क्रीनशॉट रखें।

आगे बच्चे के डिवाइस सुरक्षित रखें। KidInspector से आप बच्चे के Android फोन, Windows और Mac पर ऐप्स और वेबसाइटें ब्लॉक कर सकते हैं और ब्लॉक की गई चीज़ें खोलने की कोशिशें देख सकते हैं, प्लेटफॉर्म के हिसाब से। iPhone सपोर्ट नहीं है। इसे बच्चे को बताकर इस्तेमाल करें।

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